Bharatiya Shiksa ka Itihas

Bharatiya Shiksa ka Itihas

Authors: Dr. Dhirendra Singh Yadav, Dr. Rashmi Singh, Hari Om Namdev,
Publish Date/ Year : अक्टूबर २०२५ | Format: Paperback | Genre : History | Other Book Detail

यह पुस्तक 'भारतीय शिक्षा का इतिहास' भारतीय ज्ञान परंपरा और उसके आधुनिक स्वरूप के मध्य बुने गए एक दीर्घ और गतिशील सफर की गाथा है। शिक्षा किसी भी सभ्यता की आत्मा होती है, और भारत के संदर्भ में, यह उसकी सतत जीवटता और परिवर्तनशीलता का प्रमाण है। पुस्तक को सोलह (16) अध्यायों में संरचित किया गया है, जो वैदिक काल की गुरुकुल प्रणाली से लेकर समकालीन शिक्षा के शिखर, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तक के संपूर्ण शैक्षिक परिदृश्य को समाहित करता है। यह यात्रा केवल कालखंडों का विवरण नहीं है, बल्कि उन मूलभूत परिवर्तनों, दार्शनिक बहसों और प्रशासनिक निर्णयों का विश्लेषण है जिन्होंने देश के शैक्षिक भविष्य को आकार दिया है। हमने इस कृति में उन सभी महत्वपूर्ण आयोगों, समितियों और शिक्षा नीतियों को विस्तृत रूप से शामिल किया है जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था की नींव रहे हैं। चाहे वह ब्रिटिश कालीन मैकाले का विवरण पत्र हो, स्वतंत्र भारत के कोठारी आयोग की दूरदर्शिता, या इक्कीसवीं सदी की आवश्यकताओं को पूरा करने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 – प्रत्येक पड़ाव का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक केवल छात्रों और शोधार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है जो यह समझना चाहता है कि भारत ने ज्ञान और कौशल के क्षेत्र में सदियों से क्या सीखा है, क्या खोया है और अब किस दिशा में अग्रसर है। हम आशा करते हैं कि यह ऐतिहासिक विहंगावलोकन पाठकों को भारतीय शिक्षा के अतीत की गहरी समझ प्रदान करेगा और इसके भविष्य की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।
Pages

१३० pages
Language

हिंदी
Publication date

अक्टूबर २०२५
ISBN-13

९७८-९३-६६७८-०६५-८




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Dr. Dhirendra Singh Yadav

Dr. Dhirendra Singh Yadav

डॉ. धीरेन्द्र सिंह यादव शिक्षा संस्थान ,बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी, उत्तर प्रदेश, भारत में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, डॉ. यादव ने स्वयं को शिक्षक शिक्षा और अकादमिक अनुसंधान में एक उल्लेखनीय व्यक्ति के रूप में स्थापित किया है।
मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान
  • नेतृत्व: डॉ. यादव ने शिक्षा संस्थान के समन्वयक (Coordinator) जैसे नेतृत्व के पदों पर कार्य किया है।
  • मार्गदर्शन: उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन में 05 पीएच.डी. छात्र, 15 एम.फिल. छात्र और 25 से अधिक स्नातकोत्तर (PG) छात्र सफलतापूर्वक अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
  • लेखन और अनुसंधान: डॉ. यादव ने असंख्य शोध पत्र और प्रकाशन लिखे हैं। उनके कार्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। आपने दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों के लिए शैक्षिक सामग्री के विकास में योगदान दिया है, और उनके नाम पर 8 पुस्तकें और कई पुस्तक अध्याय दर्ज हैं।

Dr. Rashmi Singh

Dr. Rashmi Singh

डॉ. रश्मि सिंह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी, उत्तर प्रदेश के शिक्षा संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। शिक्षा के क्षेत्र में 15 वर्षों के व्यापक शिक्षण अनुभव के साथ, डॉ. सिंह ने स्वयं को शिक्षक शिक्षा और अकादमिक अनुसंधान में एक उल्लेखनीय और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।
मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान
  • नेतृत्व और राष्ट्र सेवा: आप बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी में एनसीसी (NCC) महिला विंग में लेफ्टिनेंट के प्रतिष्ठित पद को सुशोभित कर रही हैं, जो उनके नेतृत्व और अनुशासन कौशल को दर्शाता है।
  • अनुसंधान और प्रकाशन: डॉ. सिंह ने अनेक शोध पत्र और प्रकाशन लिखे हैं। उनके कार्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
  • छात्र मार्गदर्शन: उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अब तक 05 पीएच.डी. छात्र, 03 एम.फिल. छात्र और 40 से अधिक स्नातकोत्तर (PG) छात्र सफलतापूर्वक अपनी शिक्षा पूरी कर चुके हैं।

Hari Om Namdev

Hari Om Namdev

हरिओम नामदेव शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित पेशेवर हैं, जिनके पास बीएड स्तर के शिक्षण का 9 वर्षों का अनुभव है। वह वर्तमान में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी, उत्तर प्रदेश से शिक्षा में पीएच.डी. (शोधरत) कर रहे हैं।
मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान
  • पुस्तकें और अध्याय: आपके नाम पर कुल 06 पुस्तकें प्रकाशित हैं और आपने 02 पुस्तक अध्यायों में भी योगदान दिया है।
  • शोध पत्र: आपके 08 शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं। आपने विभिन्न सेमिनारों में अपने 06 शोध पत्रों का सफल प्रस्तुतीकरण भी किया है।
  • राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार (2023): आपको वर्ष 2023 में वर्दी वेलनेस फाउंडेशन लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के द्वारा राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो समाज के प्रति आपके उत्कृष्ट योगदान को दर्शाता है।