kukkut paalan: utpaadan evan prabandhan

kukkut paalan: utpaadan evan prabandhan

Authors: डॉ. अखिलेश कुमार करोरिया, डॉ. श्वेता राजौरिया, डॉ शिवांगी बावने, डॉ. राहुल जमरा, डॉ. पारुल प्रजापति,
Publish Date/ Year : January 2026 | Format: Paperback | Genre : Veterinary Science | Other Book Detail

भारत में पोल्ट्री क्षेत्र कृषि क्षेत्र के सबसे जीवंत और सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। यह खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, रोज़गार प्रदान करने, किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नीचे भारत में पोल्ट्री क्षेत्र और इसकी आर्थिक भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है:
Pages

105 pages
Language

हिंदी
Publication date

January 2026
ISBN-13

९७८-९३-६६७८-१७१-६




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डॉ. अखिलेश कुमार करोरिया

डॉ. अखिलेश कुमार करोरिया

डॉ. अखिलेश कुमार करोरिया का जन्म 1 जनवरी 1989 को ग्राम श्यामपुर, तहसील अम्बाह, जिला मुरैना (मध्य प्रदेश) में हुआ। उन्होंने वर्ष 2007 में मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, इंदौर से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। इन्होने नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू म. प्र. से स्नातक ( B. V. Sc. & A. H., 2008), पशु शरीर क्रिया विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर (M. V. Sc.) तथा डॉक्टरेट ( Ph. D.) की उपाधि प्राप्त की है। वर्ष 2019 में उन्होंने एक वर्ष तक अरावली वेटरनरी कॉलेज, सीकर (राजस्थान) में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्य किया। उन्होंने वर्ष 2020 में ICAR राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) उत्तीर्ण की। उन्हें यंग साइंटिस्ट अवार्ड सहित विभिन्न सम्मेलनों में 3 अन्य अवार्ड प्राप्त हुए हैं। वे 6 शोध पत्रों के लेखक तथा 5 शोध पत्रों के सह-लेखक रहे हैं, साथ ही 4 पॉपुलर लेखों में भी उनका योगदान रहा है। उन्होंने कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री महू, NDVSU (म.प्र.) के पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं जैव रसायन विभाग द्वारा आयोजित 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया है। वर्तमान में वे पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय, महू (म.प्र.) में आधार पर सहायक प्राध्यापक (संविदा) के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. श्वेता राजौरिया

डॉ. श्वेता राजौरिया

डॉ. श्वेता राजौरिया वर्तमान में सह- प्राध्यापक के पद पर पशु जैव रसायन विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू (म. प्र.) में पदस्थ है और विगत १५ वर्षों से शैक्षणिक और अनुसन्धान कार्यों में संलग्न है। इन्होने पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू से स्नातक ( B. V. Sc. & A. H. ) एवं पशु जैव रसायन विषय में स्नातकोत्तर (M. V. Sc. & A. H.) तथा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसन्धान संस्थान, बरेली से डॉक्टरेट ( Ph. D. ) की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में 15 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिसमें यूरोपियन सोसाइटी फॉर मेडिकल ऑन्कोलॉजी (ESMO) द्वारा आयोजित ESMO ASIA CONGRESS 2025, सिंगापुर, ESMO MAP 2022 एम्स्टर्डम, नीदरलैंड भी शामिल है जिसमे इन्हे ESMO द्वारा प्रायोजित यात्रा अनुदान प्राप्त हुआ है। इन्होने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में चालीस से अधिक शोध पत्र, समीक्षा लेख और सात पुस्तकों का लेखन किया हैं। वह यूरोपियन जर्नल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोसाइंस, जस्ट एग्रीकल्चर पत्रिका, एडविन ग्रुप ऑफ़ जर्नल, जर्नल ऑफ़ एनिमल एंड प्लांट हसबेंडरी के संपादकीय बोर्ड की सदस्य हैं। वह कोर्स डायरेक्टर, कोर्स कोऑर्डिनेटर आदि के रूप में बारह से अधिक प्रशिक्षणों, वेबिनार की आयोजक रही हैं। उन्हें कई नेशनल अवॉर्ड मिले, जिनमें राम सिंह मेमोरियल नेशनल एनिमल वेलफेयर अवॉर्ड 2023, डॉ. सी. एम. सिंह वेटरनरी साइंस एक्सीलेंस अवॉर्ड 2022, यंग प्रोफेसर ऑफ द ईयर अवॉर्ड 2021 और "वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक" पर छठे इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में बेस्ट वुमन साइंटिस्ट अवॉर्ड शामिल हैं।

डॉ शिवांगी बावने

डॉ शिवांगी बावने

डॉ शिवांगी बावने का जन्म 25 जून 1983 को देवास (म. प्र.) में हुआ था। उन्होंने 1998 में हाई स्कूल और 2000 में हायर सेकंडरी स्कूल परीक्षा संत मेरिज कान्वेंट स्कूल देवास से उत्तीर्ण की। इन्होने नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, म. प्र. के अंतर्गत पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू से स्नातक ( B. V. Sc. & A. H. ) एवं पशु चिकित्सा विकृति विज्ञान (Veterinary Pathology) विषय में स्नातकोत्तर (M. V. Sc. & A. H.) की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं. इन्होने विभिन्न राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 3 शोध पत्रों का लेखन किया हैं। वे वर्ष 2013 से पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय, महू, में सहायक प्राध्यापक (संविदा ) के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. राहुल जमरा

डॉ. राहुल जमरा

डॉ. राहुल जमरा का जन्म 20 मार्च 1989 को धार (म.प्र.) में हुआ था। उन्होंने 2004 में हाई स्कूल परीक्षा और 2006 में हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा, हरसुख दिगंबर जैन स्कूल बड़वानी से पास किया। इन्होने नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय म. प्र. के अंतर्गत पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, जबलपुर से स्नातक (B. V. Sc. & A H.) तथा पशु शल्य चिकित्सा और रेडियोलॉजी (Veterinary Surgery & Radiology) विषय में स्नातकोत्तर (M. V. Sc.) की उपाधि प्राप्त की है। वर्ष 2019 से उन्होंने 3 वर्ष तक कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री, रीवा (मध्य प्रदेश) में शिक्षण सहायक (Teaching Associate) के रूप में कार्य किया। उन्होंने वर्ष 2023 में ICAR राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) उत्तीर्ण की। वे 3 शोध पत्रों के लेखक तथा 3 पॉपुलर लेख में भी उनका योगदान रहा है। वर्तमान में वे पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय, महू, में सहायक प्राध्यापक (संविदा ) के रूप में कार्यरत हैं।

डॉ. पारुल प्रजापति

डॉ. पारुल प्रजापति

डॉ. पारुल प्रजापति का जन्म 3 दिसंबर 1999 को चूरू ज़िले, राजस्थान में हुआ। उन्होंने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी स्कूल, चूरू, राजस्थान से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (RBSE) के अंतर्गत पूर्ण की। इन्होने पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (RAJUVAS), बीकानेर के अंतर्गत महत्मा ज्योतिबा फुले पशु चिकित्सा महाविद्यालय, चोमू, राजस्थानसे स्नातक ( B. V. Sc. & A. H., 2017 ) एवं पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय, महू से पशु शरीर क्रिया विज्ञान (Veterinary Physiology, 2025) विषय में स्नातकोत्तर (M. V. Sc. & A. H.) की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने एक शोध लेख एवं एक समीक्षा लेख में लेखिका के रूप में तथा एक शोध पत्र एवं दो लोकप्रिय लेखों में सह-लेखिका के रूप में योगदान दिया।इसके अतिरिक्त, उन्होंने “एनाटॉमिकल स्पेसिमेन प्रिपरेशन, प्रजाति पहचान एवं प्रयोगशाला तकनीकें” विषय पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया, जो पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय, महू, N.D.V.S.U. (म.प्र.) में आयोजित किया गया था। साथ ही, उन्होंने सोसायटी ऑफ एनिमल फिज़ियोलॉजी ऑफ इंडिया (SAPI) के 32वें वार्षिक सम्मेलन में भाग लिया, जो ICAR-CIRC, मेरठ में आयोजित हुआ।